1.20 करोड़ का सोना? वायरल ऑडियो ने खोली पलिया की बड़ी कहानी! 41 दुकानें, विधायक और मंत्री का जिक्र
स्कूल के गेट से शुरू हुआ विवाद दुकानों, कब्जे के आरोप और दो वायरल ऑडियो तक पहुंचा—एक ऑडियो में 1 करोड़ 30 लाख रुपये के सोने की कथित मांग का दावा, दूसरे में रुपये मांगने के आरोप से इनकार और यूपी सरकार के एक मंत्री के दबाव का जिक्र। आखिर पूरी कहानी क्या है?

पलिया में छात्राओं की सुरक्षा के लिए लगाया गया एक गेट आखिर इतना बड़ा विवाद कैसे बन गया? 41 दुकानों के पुराने मामले से लेकर वायरल ऑडियो तक पहुंची इस कहानी में कौन सही है और कौन गलत—इसका फैसला अभी बाकी है, लेकिन सामने आए दावों ने कई बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
लखीमपुर खीरी। पलिया में बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं की सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब रामलीला कमेटी से जुड़ी दुकानों, कब्जे के आरोप और वायरल ऑडियो तक पहुंच गया है। छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि स्कूल के खुले मैदान और गेट के आसपास बाहरी लोगों, अराजक तत्वों और शराबियों की आवाजाही से उन्हें परेशानी होती है।
छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन और रामलीला कमेटी की ओर से खुले मैदान में एक गेट लगवाया गया। लेकिन इसी गेट को लेकर विरोध शुरू हो गया और कुछ लोग इसे हटाने की मांग को लेकर SDM कार्यालय पहुंचे। इसके साथ ही रामलीला कमेटी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जांच की मांग भी उठाई गई।
लेकिन इस विवाद की कहानी सिर्फ गेट तक सीमित नजर नहीं आती।
41 दुकानों से जुड़ा है पुराना मामला
रामलीला कमेटी से जुड़ी करीब 41 दुकानों का मामला सामने आया है। कमेटी के अनुसार पलिया निवासी गणेश चंद्र अग्रवाल ने वर्ष 1983-84 के आसपास दो दुकानें किराये पर ली थीं। कमेटी का दावा है कि वर्ष 2021 तक इन दुकानों का अंतिम किराया 440 रुपये था और लंबे समय में करीब डेढ़ लाख रुपये किराये के रूप में प्राप्त हुए।
रामलीला कमेटी का कहना है कि रामलीला के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन रोड की ओर मौजूद रास्तों को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पांच दुकानों को हटाकर चार नई दुकानों का निर्माण कराया गया। इसी प्रक्रिया में दुकान नंबर 22 को खत्म कर गेट को चौड़ा किए जाने की बात भी कमेटी की ओर से कही गई है।
कमेटी के अनुसार दिसंबर 2025 में निर्माण पूरा होने के बाद गणेश चंद्र अग्रवाल के पुत्र रिंकल अग्रवाल और उनके परिजनों पर दो दुकानों पर बलपूर्वक कब्जा करने का आरोप लगा। कमेटी ने इसकी शिकायत पुलिस से की। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।
फिर सामने आया 1 करोड़ 20 लाख रुपये के सोने का ऑडियो
विवाद के बीच 14 अक्टूबर 2025 को विधायक रोमी साहनी के आवास पर दोनों पक्षों के बीच बैठक होने की बात सामने आई। इसके बाद एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसे रोहित अग्रवाल की ओर से सामने लाए जाने का दावा किया गया।
इस ऑडियो को लेकर आरोप लगाया गया कि एक दुकान के बदले 1 करोड़ 30 लाख रुपये के सोने की मांग की गई।
हालांकि, वायरल ऑडियो में लगाए गए इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रामलीला कमेटी ने आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि दुकानों से जुड़े निर्णय संयुक्त रूप से लिए गए थे।
दूसरा ऑडियो बना नया मोड़
इसके बाद विधायक रोमी साहनी और रामलीला कमेटी के मंत्री राजेश गुप्ता के बीच बातचीत का एक दूसरा ऑडियो भी वायरल होने का दावा किया गया।
इस बातचीत में बैठक के दौरान किसी तरह के रुपये-पैसे की मांग किए जाने के आरोप को गलत बताया गया है। इसी बातचीत में उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के कथित दबाव और दुकान दिए जाने को लेकर नाराजगी का भी जिक्र होने का दावा किया जा रहा है।
इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यानी एक तरफ गंभीर आरोप हैं, दूसरी तरफ उनका खंडन है और बीच में दो वायरल ऑडियो हैं।
सबसे बड़ा सवाल
अब सवाल यह है कि क्या पूरा विवाद वास्तव में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है या फिर इसके पीछे 41 दुकानों से जुड़ा पुराना विवाद है?
क्या वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोप सही हैं? क्या दूसरे ऑडियो में कही गई बातें इस विवाद की कोई नई परत खोलती हैं? या फिर दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ आमने-सामने हैं?
फिलहाल इतना साफ है कि छात्राओं की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है, जबकि दुकानों और कथित ऑडियो से जुड़े विवाद का अंतिम सच जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्राउंड जीरो रिपोर्ट डिजिटल इस पूरे मामले से जुड़े सभी पक्षों के दावों को सामने रख रहा है।



